हो गयी है देर फिर भी कर के कुछ दिखाना है ,
भूल के सब बीती बातें आगे बढ़ते जाना है।
राहें मुश्किल है यहाँ पर काटें है बीछे हुए ,
आँखों में ले नए सपने मंज़िलो को पाना है।
क्या रखा है यादों में वो तो सदा तड़पाएँगी ,
आँखों में आँसू भरेगी मन को भी भटकाएंगी।
अपने भटके मन को अब हमको राहों पे लाना है,
सीख लेकर यादों से अब आगे बढ़ते जाना है।
आँखों में जो लक्ष्य है उसको उतारो मन में अब,
बनके अर्जुन ठान मन में भेद डालो लक्ष्य अब।
लक्ष्य में है क्या रखा वो तो एक दिन मिल जाना है ,
भूल के सब बीती बातें आगे बढ़ते जाना है।

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